Prayers and Hymns

O Lord my god
When I am in all some wonder
Consider all the works they hands have made.
O Lord my God……

I see the stars
I hear the rolling thunder
They pass throughout the universe displayed
Then using my soul my soul my save God so these
How great te arts, How great the arts
O Lord my God …….

When through the woods
And forest glander I wonder
I hear the woods & feel the gentle breeze
Then sing my soul my saver God so these
How great the arts, How great the arts
O Lord my God……

When I look down
From lofty mountains glander
I hear the birds sing sweetly in the trees
Then sing my soul my saver God so these
How great the arts, How great the arts
O Lord my God……
Almighty God. We offer you our word, our efforts, our failures and our success. We thank you for all your blessings. Forgive us for the wrong we have done today and help us never to offend you in future.

Thank you for the world so sweet,
Thank you for the food we eat.
Thank you for the word we learn,
Thank you God for everything.

Thank you each happy day,
for fun, for friend and work and play.
Thank you for your loving care,
At home, at school and every where.
India is my country
all Indians are
my brothers and sisters. I love my country
and I am proud of its rich
and varied heritage.
I shall always strive to be worthy of it.
I shall give my parents, teachers
and all elders respect
and treat everyone with courtesy.
To my country and my people
I pledge my devotion
In their well-being and prosperity alone
lies my happiness.
जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
पंजाब–सिंधु–गुजरात–मराठा,
द्राविड़–उत्कल–बंग।
विंध्य–हिमाचल–यमुना–गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे,
तव शुभ आशिष मांगे
गाहे तव जय गाथा।
जन गण मंगल दायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे।
हर देश में तू, हर वेश तू, तेरे नाम अनेक, तू एक ही है।
तेरी रंगभूमि है ये विश्वधरा, हर खेल में मेल में तू ही तो है।

चींटी से अणू, परमाणू बना, सब जीव-जगत का रूप धरी।
कहीं पर्वत वृक्ष विशाल बना, सौंदर्य तेरा, तू एक ही है।
हर देश में तू, हर वेश तू, तेरे नाल अनेक, तू एक ही है।

सागर से उठा बादल बनकर, बादल से फुटा जल हो करके
फिर नहर बना नदिया गहरी, तेरे भिन्न प्रकार, तू एक ही है।
हर देश में तू, हर वेश तू, तेरे नाल अनेक, तू एक ही है।

यह दिव्य दिखाया है जिसने, वो है गुरूदेव की पूर्ण दया,
घड़ियां कहे और न कोई दिखा, तेरा दास मैं और तू एक ही है।
हर देश में तू, हर वेश तू, तेरे नाल अनेक, तू एक ही है।
तेरी रंगभूमि है ये विश्वधरा, हर खेल में मेल में तू ही तो है।
ऐ मालिक तेरे बन्दे हमए ऐसे हों हमारे करम
नेकी पर चलें, और बरी से टलें
ताकि हँसते हुए निकले दम।।

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम।
ये अन्धेरा घना छा रहा, तेरा इन्सान घबरा रहा
हो रहा बेखबर, कुछ न आता नजर
सुख का सूरज छिपा जा रहा
है तेरी रोशनी में जो दम
तू अमावस को कर दे पूनम। नेकी पर....

बड़ा कमजोर है आदमी, अभी लाखों हैं इसमें कमी
पर तू जो खड़ा, है दयालु बड़ा
तेरी कृपा से धरती थमी
दिया तूने हमें जब जनम
तू ही झेलेगा हम सब के गम।।
नेकी पर...

जब जुल्मों का हो सामना, तब तू ही हमे थामना
वो बुराई करेए हम भलाई भरे, नहीं बदले की हो कामना
बढ़ उठे प्यार का हर कदम और मिटे बैर का ये भरम
हम होंगे कामयाब होंगे कामयाब
हम होंगे कामयाब एक दिन
हो हो हो मन मे है विश्वास
पुरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन॥धृ॥

होगी शान्ती चारो ओर
होगी शान्ती चारो ओर
होगी शान्ती चारो ओर एक दिन
हो हो हो मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास होगी शांती चारो ओर एक दिन ॥१॥

हम चलेंगे साथ साथ
डाले हाथोमें हाथ
हम चलेंगे साथ साथ एक दिन
हो हो हो मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास हम चलेंगे साथ साथ एक दिन॥२॥

नही डर किसी का आज
नहि भय किसी का आज
नहि डर किसी का आज के दिन
हो हो हो मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास नही डर किसी का आज एक दिन
हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करे
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करे

भेदभाव अपने दिल से साफ़ कर सके
दोस्तों से भूल हो तो माफ़ कर सके
झूठ से बचे रहे, सच का दम भरे
दूसरों की जय से पहल, खुद को जय करे

मुश्किलें पड़े तो हम पे इतना करम कर
साथ दे तो धरम का, चले तो धरम कर
खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरे
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करे